क्या भारतीयों के लिए प्रोडक्ट मैनेजमेंट की नौकरियों की भारी मांग है?

Image Credits: FreePik, Website: www.freepik.com

हाँ—भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की नौकरियों की भारी मांग है, लेकिन हकीकत थोड़ी सूक्ष्म (nuanced) है। यहाँ इसका एक सरल और व्यावहारिक विवरण दिया गया है।

कुल मांग: बढ़ रही है, लेकिन प्रतिस्पर्धा (Competition) कड़ी है

  • 2025 में भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की भर्तियों में लगभग 42% की वृद्धि हुई।
  • कुछ रिपोर्टों के अनुसार, विशेष रूप से सीनियर स्तर पर, प्रोडक्ट हायरिंग में 40-50% की वृद्धि देखी गई है।
  • यह सेक्टर सालाना 25% से अधिक की दर से बढ़ रहा है, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ते नेतृत्व (Leadership) पदों में से एक बन गया है।
  • फिनटेक, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर और टेक स्टार्टअप्स जैसे उद्योगों में PM की काफी मांग है।

संक्षेप में: मांग तो है—लेकिन यह अनुभव के सभी स्तरों पर एक समान नहीं है।

एंट्री-लेवल बनाम अनुभवी मांग

ज्यादा मांग:

  • मिड-लेवल और सीनियर PMs के लिए।
  • उन लोगों के लिए जिनके पास तकनीकी (Tech), एनालिटिक्स या डोमेन का अनुभव है।

कम मांग:

  • बिना किसी प्रासंगिक अनुभव वाले फ्रेशर्स के लिए।
  • बिना मजबूत कौशल के करियर बदलने वाले लोगों के लिए।

उदाहरण: सीनियर प्रोडक्ट भूमिकाओं में सालाना 87% की वृद्धि हुई, जबकि जूनियर भूमिकाओं में केवल 16% की वृद्धि हुई। कंपनियां अनुभवी ‘प्रॉब्लम सॉल्वर’ चाहती हैं, न कि केवल वे जिनके पास PM सर्टिफिकेट है।

वेतन क्षमता (अनुमानित सीमा)

  • औसत PM वेतन: लगभग ₹13–17 लाख प्रति वर्ष (LPA)।
  • मिड-लेवल या ग्रोथ PM: ₹12–23 लाख या उससे अधिक।
  • सीनियर या AI PM: टॉप कंपनियों में ₹25 लाख से ₹1 करोड़+ तक। यह उच्च वेतन ही इस क्षेत्र के लोकप्रिय होने का एक मुख्य कारण है।

भारत में PM नौकरियों के मुख्य केंद्र

ज्यादातर अवसर प्रमुख टेक शहरों में केंद्रित हैं:

  1. बेंगलुरु
  2. हैदराबाद
  3. मुंबई
  4. दिल्ली NCR
  5. पुणे
  6. चेन्नई

मांग बढ़ने के कारण

  • स्टार्टअप्स और प्रोडक्ट-आधारित कंपनियों की संख्या में वृद्धि।
  • विभिन्न उद्योगों में डिजिटल बदलाव (Digital Transformation)।
  • AI, SaaS, फिनटेक और ई-कॉमर्स का उदय।
  • ग्लोबल कंपनियों द्वारा भारत में अपनी प्रोडक्ट टीमें बनाना।
  • कई स्टार्टअप्स प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अपने कर्मचारियों को प्रोडक्ट मैनेजमेंट में सक्रिय रूप से अपस्किल (Upskill) कर रहे हैं।

हकीकत की जाँच (महत्वपूर्ण)

भले ही PM की नौकरियां बढ़ रही हैं:

  1. प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है, खासकर एंट्री लेवल पर।
  2. कई स्नातक बिना किसी अनुभव के PM भूमिकाओं के पीछे भागते हैं।
  3. कंपनियां इन क्षेत्रों से आने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं: इंजीनियरिंग, डेटा/एनालिटिक्स, सेल्स या ग्रोथ, और बिजनेस या कंसल्टिंग।

सरल निष्कर्ष

हाँ, भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की बहुत मांग है, खासकर यदि आपके पास:

  • 2–5 साल का अनुभव है, या
  • मजबूत टेक, बिजनेस या एनालिटिक्स कौशल है।

लेकिन फ्रेशर्स के लिए, यह कोई आसान एंट्री-लेवल जॉब नहीं है—आमतौर पर आप किसी दूसरी भूमिका से इसमें कदम रखते हैं।

Leave a Comment