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आज के समय में भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट सबसे रोमांचक और हाई-पेइंग (अधिक वेतन वाले) करियर विकल्पों में से एक है। कई प्रोफेशनल्स फ्लिपकार्ट, पेटीएम, स्विगी या ज़ोहो जैसी कंपनियों में प्रोडक्ट मैनेजर बनने का सपना देखते हैं। लेकिन एक बड़ा सवाल है: क्या आप महंगे कोर्स पर पैसा खर्च किए बिना भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट (PM) की नौकरी पा सकते हैं? जवाब है—हाँ। यदि आप सही रणनीति का पालन करते हैं, तो आप इसे जीरो इन्वेस्टमेंट (शून्य निवेश) के साथ कर सकते हैं। आइए इसे सरल तरीके से समझते हैं।
1. पहले समझें कि एक प्रोडक्ट मैनेजर वास्तव में क्या करता है एक प्रोडक्ट मैनेजर सिर्फ वह नहीं है जो प्रोडक्ट को मैनेज करता है। एक PM:
- ग्राहकों की समस्याओं की पहचान करता है
- डेवलपर्स और डिजाइनरों के साथ काम करता है
- फीचर्स और प्राथमिकताओं को तय करता है
- परफॉरमेंस और ग्रोथ को ट्रैक करता है
- बिजनेस के लक्ष्यों को यूजर की जरूरतों के साथ जोड़ता है सरल शब्दों में, एक PM “प्रोडक्ट का CEO” होता है। नौकरियों के लिए आवेदन करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आप इस भूमिका को स्पष्ट रूप से समझते हैं। आप इसे YouTube, ब्लॉग, पॉडकास्ट और LinkedIn पोस्ट से मुफ्त में सीख सकते हैं।
2. मुख्य स्किल्स मुफ्त में सीखें आपको ₹1 लाख के सर्टिफिकेशन की आवश्यकता नहीं है। इन स्किल्स को सीखने पर ध्यान दें:
🔹 प्रोडक्ट थिंकिंग (Product Thinking) समझें कि जोमैटो या फोनपे जैसे ऐप्स वास्तविक समस्याओं को कैसे हल करते हैं। खुद से पूछें:
- यह फीचर क्यों जोड़ा गया है?
- यह किस समस्या को हल करता है?
- कंपनी इससे पैसे कैसे कमाती है?
🔹 बुनियादी तकनीकी ज्ञान (Basic Tech Knowledge) आपको कोडिंग की गहराई में जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको यह समझना चाहिए:
- वेबसाइट और ऐप्स कैसे काम करते हैं
- APIs (बुनियादी विचार)
- डेटाबेस
- Agile और Scrum मुफ्त संसाधन: YouTube ट्यूटोरियल, फ्री ब्लॉग, फ्री प्रोडक्ट कम्युनिटीज।
🔹 डेटा और एनालिटिक्स इनकी बुनियादी बातें सीखें:
- एक्सेल या गूगल शीट्स
- मैट्रिक्स जैसे DAU, MAU, रिटेंशन
- A/B टेस्टिंग यह सब ऑनलाइन मुफ्त उपलब्ध है।
3. प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बनाएं (बहुत महत्वपूर्ण) कोर्स के लिए भुगतान करने के बजाय, अपने कौशल का प्रमाण (Proof of Work) बनाएं। यहाँ बताया गया है कैसे:
✅ प्रोडक्ट टियरडाउन (Product Teardowns) करें अमेज़न इंडिया जैसा कोई ऐप चुनें। लिखें:
- वह क्या समस्या हल करता है
- टारगेट ऑडियंस (लक्षित दर्शक)
- ताकत और कमजोरियां
- सुधार के लिए सुझाव इन्हें LinkedIn या Medium पर पोस्ट करें।
✅ केस स्टडीज (Case Studies) बनाएं उदाहरण:
- “मैं स्विगी के ऑर्डर ट्रैकिंग अनुभव को कैसे बेहतर बनाऊंगा।”
- “यूजर रिटेंशन बढ़ाने के लिए फोनपे के लिए नया फीचर आइडिया।” यह कंपनियों को दिखाता है कि आप एक PM की तरह सोच सकते हैं।
4. संबंधित भूमिकाओं (Adjacent Roles) से शुरुआत करें बहुत कम लोगों को फ्रेशर के रूप में सीधे PM रोल मिलते हैं। इसके बजाय, यहाँ से शुरुआत करें:
- बिजनेस एनालिस्ट
- ग्रोथ एग्जीक्यूटिव
- कस्टमर सक्सेस
- सेल्स
- ऑपरेशंस वहां से, कंपनी के भीतर ही प्रोडक्ट टीम में ट्रांजिशन (बदलाव) करें। भारत में कई प्रोडक्ट मैनेजरों ने इसी तरह शुरुआत की है।
5. LinkedIn का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करें (मुफ्त लेकिन शक्तिशाली) LinkedIn आपका सबसे बड़ा हथियार है। यह करें:
- उन कंपनियों के PMs से जुड़ें जिन्हें आप पसंद करते हैं
- उनके पोस्ट पर सोच-समझकर कमेंट करें
- 15 मिनट की जानकारीपूर्ण कॉल (Informational calls) के लिए पूछें
- अपनी प्रोडक्ट इनसाइट्स नियमित रूप से साझा करें रिक्रूटर्स प्रोफाइल चेक करते हैं। यदि वे देखते हैं: प्रोडक्ट केस स्टडीज, सक्रिय चर्चाएं, और प्रोडक्ट में स्पष्ट रुचि, तो आपके चांस बढ़ जाते हैं।
6. रणनीतिक रूप से आवेदन करें, रैंडमली नहीं अंधाधुंध 500 नौकरियों के लिए आवेदन न करें। इसके बजाय:
- स्टार्टअप्स में आवेदन करें (जो फ्रेशर्स के लिए अधिक खुले हैं)
- अपने आवेदन को कस्टमाइज़ करें
- अपने कवर मैसेज में विशिष्ट प्रोडक्ट सुधारों का उल्लेख करें उदाहरण: “मैंने देखा कि आपके ऑनबोर्डिंग फ्लो को 2 स्टेप्स कम करके सरल बनाया जा सकता है। मैंने एक त्वरित सुझाव संलग्न किया है।” यह आपको दूसरों से अलग बनाता है।
7. इंटरव्यू की मुफ्त तैयारी करें सामान्य इंटरव्यू राउंड में शामिल हैं:
- प्रोडक्ट सेंस के सवाल
- केस स्टडीज
- मैट्रिक्स के सवाल
- निष्पादन (Execution) के सवाल दोस्तों के साथ अभ्यास करें। YouTube पर मॉक इंटरव्यू देखें। ऑनलाइन मुफ्त इंटरव्यू अनुभवों को पढ़ें। पेड कोचिंग से ज्यादा निरंतरता (Consistency) मायने रखती है।
अंतिम विचार हाँ, भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट में कॉम्पिटिशन है। लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए आपको महंगे सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। आपको जिसकी आवश्यकता है वह है:
- मजबूत प्रोडक्ट थिंकिंग
- निरंतर सीखना
- काम का वास्तविक प्रमाण
- स्मार्ट नेटवर्किंग यदि आप अनुशासित और धैर्यवान हैं, तो आप बिना किसी निवेश के भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की नौकरी पा सकते हैं। याद रखें — कंपनियाँ समस्या सुलझाने वालों (Problem Solvers) को काम पर रखती हैं, सर्टिफिकेट इकट्ठा करने वालों को नहीं।
सुझाया गया लेख: https://curiousangle.in/are-product-management-jobs-in-high-demand-for-indians/