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अगर आप एक Product Manager बनने की सोच रहे हैं, तो आपने शायद खुद से यह सवाल जरूर पूछा होगा:
क्या भारत में प्रोडक्ट करियर बनाना बेहतर है या अमेरिका में?
आइए इस तुलना में इसे सरल और व्यावहारिक तरीके से समझते हैं।
1️⃣ मांग और बाजार की परिपक्वता (Demand and Market Maturity)
🇮🇳 भारत (India)
भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट बहुत तेजी से बढ़ रहा है, खासकर इन क्षेत्रों में:
- SaaS स्टार्टअप्स
- फिनटेक (Fintech)
- एडटेक (EdTech)
- ई-कॉमर्स
- AI-आधारित कंपनियां
बेंगलुरु, हैदराबाद और गुड़गांव इसके प्रमुख केंद्र (Hubs) हैं।
हालांकि, भारत में प्रोडक्ट मैनेजमेंट अभी भी विकसित हो रहा है। कई कंपनियों में PM की भूमिकाएं कभी-कभी Project Management या Business Analysis के साथ मिली-जुली होती हैं। फ्लिपकार्ट और पेटीएम जैसी शीर्ष भारतीय टेक कंपनियों के पास बेहतरीन प्रोडक्ट टीमें हैं, लेकिन अमेरिका की तुलना में यह इकोसिस्टम अभी भी विकसित हो रहा है। खासकर MBA स्नातकों और इंजीनियरों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
🇺🇸 अमेरिका (USA)
अमेरिका को प्रोडक्ट मैनेजमेंट का वैश्विक केंद्र माना जाता है। यहाँ यह भूमिका बहुत परिपक्व और स्पष्ट रूप से परिभाषित है। Google, Meta, और Amazon जैसी कंपनियों ने विश्व स्तरीय प्रोडक्ट कल्चर बनाया है। अमेरिका में PMs रणनीति (Strategy), यूजर एक्सपीरियंस (UX), रोडमैप प्लानिंग और राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) में गहराई से शामिल होते हैं। यहाँ का इकोसिस्टम अत्यधिक उन्नत और व्यवस्थित है।
2️⃣ वेतन की तुलना (Salary Comparison)
| स्तर (Level) | भारत (India) | अमेरिका (USA) |
| शुरुआती स्तर (APM) | ₹8–15 लाख प्रति वर्ष | $90,000–$120,000 प्रति वर्ष |
| मध्य स्तर (Mid-level PM) | ₹18–35 लाख प्रति वर्ष | $130,000–$160,000 प्रति वर्ष |
| वरिष्ठ स्तर (Senior PM) | ₹40 लाख+ प्रति वर्ष | $170,000+ प्रति वर्ष |
शीर्ष स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न में ESOPs के साथ वेतन और भी अधिक हो सकता है। हालांकि भारत में वेतन में काफी सुधार हुआ है, लेकिन ‘Cost of Living’ को एडजस्ट करने के बाद भी अमेरिका का पैकेज काफी अधिक है।
3️⃣ भूमिका की स्पष्टता और जिम्मेदारियां
भारत में:
- PM की भूमिका प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के साथ ओवरलैप हो सकती है।
- कई कंपनियां अभी भी व्यवस्थित प्रोडक्ट प्रक्रियाओं को सीख रही हैं।
- अक्सर फाउंडर्स प्रोडक्ट के फैसलों में बहुत अधिक शामिल होते हैं।
- हालांकि, आधुनिक SaaS स्टार्टअप Agile, Scrum, और OKRs जैसे वैश्विक फ्रेमवर्क को अपना रहे हैं।
अमेरिका में:
- प्रोडक्ट विजन का स्पष्ट स्वामित्व (Ownership)।
- डेटा-आधारित निर्णय लेना (Data-driven decision-making)।
- मजबूत UX और ग्राहक अनुसंधान संस्कृति।
- PM को “Product का CEO” माना जाता है।
- इंजीनियरिंग, डिजाइन और बिजनेस टीमों के बीच मजबूत सहयोग होता है।
4️⃣ करियर में प्रवेश की बाधाएं (Entry Barriers)
भारत: यहाँ बिना टॉप संस्थानों के MBA, स्टार्टअप अनुभव या मजबूत टेक बैकग्राउंड के प्रवेश करना कठिन हो सकता है। हालांकि, इंजीनियरिंग, सेल्स या बिजनेस भूमिकाओं से आंतरिक बदलाव (Internal Transition) संभव है। नेटवर्किंग और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स यहाँ बहुत मायने रखते हैं।
अमेरिका: प्रवेश प्रतिस्पर्धी और व्यवस्थित है। टॉप यूनिवर्सिटी से MBA और PM इंटर्नशिप बहुत मददगार होती है। भारतीयों के लिए H-1B वीजा स्पॉन्सरशिप एक बड़ी चुनौती है।
5️⃣ कार्य संस्कृति और विकास (Work Culture and Growth)
- भारत: तेज रफ्तार वाला स्टार्टअप माहौल, कई कंपनियों में काम के लंबे घंटे, लेकिन कंपनी के स्केल होने पर तेजी से विकास और ESOP के अवसर।
- अमेरिका: कई फर्मों में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, मजबूत मेंटरशिप कल्चर और एक व्यवस्थित करियर पाथ (APM → PM → Senior PM → Group PM → Director)।
6️⃣ सीखने का अनुभव (Learning Exposure)
- भारत: आपको करियर की शुरुआत में ही व्यापक जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आप रणनीति, एनालिटिक्स और ऑपरेशंस को एक साथ संभाल सकते हैं, जो तेजी से सीखने के लिए बेहतरीन है।
- अमेरिका: आप ऐसे प्रोडक्ट्स पर काम करते हैं जिनका उपयोग दुनिया भर में करोड़ों लोग करते हैं। उन्नत टूल्स और बड़े पैमाने पर डेटा का अनुभव बेजोड़ होता है।
अंतिम फैसला: कौन सा बेहतर है?
इसका कोई एक सही जवाब नहीं है।
- यदि आप अधिक वेतन, वैश्विक अनुभव और व्यवस्थित प्रोडक्ट कल्चर चाहते हैं, तो अमेरिका आगे है।
- यदि आप तेजी से विकास, स्टार्टअप अनुभव और आसान प्रवेश (वीजा की समस्या के बिना) चाहते हैं, तो भारत एक मजबूत और बढ़ता हुआ बाजार है।
एक स्मार्ट रणनीति यह हो सकती है: भारत में अपना करियर शुरू करें → मजबूत अनुभव बनाएं → वैश्विक अवसर प्राप्त करने के लिए अपनी स्किल्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएं।
Curious Angle Insight 👀
प्रोडक्ट मैनेजमेंट वास्तविक उपयोगकर्ता समस्याओं को हल करने और व्यवसाय को बढ़ाने के बारे में है। स्थान मायने रखता है, लेकिन आपकी Communication Skills, डेटा की समझ (Data Thinking), और क्रियान्वयन क्षमता (Execution Ability) अधिक मायने रखती है। चाहे भारत हो या अमेरिका, बेहतरीन प्रोडक्ट मैनेजरों की मांग हमेशा बनी रहती है।
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